जम्मू-कश्मीर में "रेनकोट" पहन कर नहाई भाजपा !
“ पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर में जो घटनाएं हुई हैं, उन पर तमाम इनपुट लेने के बाद प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से परामर्श लेने के बाद आज हमने निर्णय लिया है कि गठबंधन सरकार में चलना संभव नहीं होगा ” । भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राम माधव की इन दो लाइनों ने पीडीपी की ईद फीकी कर दी। देखा जाए तो ये सबसे दिलचस्प राजनीतिक मेल था जिसकी शुरुआत साल 2014 के आखिर में हुई थी और ये वही राम माधव हैं जिन्होनें इस गठबंधन को कराने में एक अहम भूमिका निभाई थी। ये गठबंधन एक साझा एजेंडा पर चलना था मगर एजेंडा तो छोड़िए दोनों दल ही साथ नहीं चल पाए और शुरु से ही काफी मुद्दे जैसे पाकिस्तान से वार्ता,पात्थरबाजी,धारा 370 और 35A और कठुआ गैंग रेप पर दोनों पार्टियों में खींचतान चलती ही रही। अगर इस बेमेल सरकार के कार्यकाल को देखें तो वो भी बहुत अच्छा नहीं दिखता है। गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट में बताया गया कि जम्मू-कश्मीर में साल 2016 में आतंकवाद की 322 घटनाएं हुईं और 2017 में 342 हिंसक घटनाएं हुईं। वहीं अगर सुरक्षाकर्मी और आम नागरिकों के मौत की बात करें तो 2016 में 82 सुरक्षाकर्मी , 15 आम ...